विश्व जनसंख्या नियंत्रण दिवस

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  • Category: news
  • Post date: 11 July, 2020




आज विश्व जनसंख्या नियंत्रण दिवस है और ये लिखते हुए इस वक्त दुनिया की आबादी 7.7 बिलियन है जो हर दिन, हर घंटे, हर सेकंड बढ़ती जा रही है। दुनिया की छोड़िए हम अपने भारत की बात करते है। ये जनसंख्या विस्फोट क्यों हो रहा है, कैसे रुकेगा, क्या करना चाहिए इन सब बातों की मैं यहां चर्चा नहीं करूंगा। हालांकि हमारे देश में जितनी भी छोटी बड़ी समस्या है जिनको हल करने में ना जाने कितना समय लगेगा फिर भी हालत सुधरेगा की नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। उन सभी समस्याओं का जड़ ये जनसंख्या को लेकर हमारी लापरवाही है। जो सिर्फ "हम दो हमारे दो" या "दो बच्चे मीठी खीर, उस से ज्यादा बवासीर" जैसे नारों से नहीं सुधरेगी। हमें इसे अपने जीवन में भी अपनाना होगा वरना भेड़ चाल तो चल ही रहें है! सबसे अहम मुद्दा जिससे जनसंख्या बढ़ रहा है; वो तो हमेशा पीछे ही छूट जाता है! हम भारतीय इतने शर्मीले है कि "सेक्स" और "सेक्स एजुकेशन" पर कोई बात तो नहीं करेंगे पर जहां बात जनसंख्या की आती है वहां तो पूरे बेशर्म हो जाते है और कुछ दिनों में तो हम पूरी दुनिया को पिछे छोड़ देंगे! अब इस समाज में कोई बात भी करना चाहे तो लोग कहते कि ये देखो कितना बेशर्म है क्या क्या बात कर रहा है। अब मैं ये लिख रहा हूं इस पर भी कोई सवाल उठा ही देगा पर उस बेशर्मी की कोई बात नहीं करेगा जिसकी वजह से ये जनसंख्या विस्फोट हो रहा है और समस्या रोज़ बढ़ रही है। ख़ैर मेरे इस लेख को लिखने का यही मकसद था कि "सेक्स एजुकेशन" और "सेक्स" पर बात हो। अब कैसे करना है ये तो हमको, हमारे समाज, हमारे सरकार, सदियों पुरानी घिसी पिटी हमारी शिक्षा व्यवस्था को ही सोचना है। इसे टैबू ना बनाया जाए और सरकार जल्द से जल्द जनसंख्या नियंत्रण कानून भी लाए! (~अभिषेक कुमार)