अलविदा सुशांत!

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  • Category: news
  • Post date: .... 2020




हम इस लड़के को जानते है, बचपन से इनको देखते आ रहे है मानव के रूप में पहचान हुई थी हमारी टीवी के माध्यम से पवित्र रिश्ता सीरियल में, तब लगता था यार ये कितना रोता है ये मानव , लेकिन सब अच्छे से संभाल भी लेता था। हालंकि एकता कपूर की उस सीरियल में सभी किरदार ही कुछ ज्यादा ही भावुक थे। फिर हमने इनको देखा , काई पो छे में क्या मस्त खेलता था भाई, पर नए-नए होने के कारण उतना नहीं जुड़ पाए। लेकिन अच्छे लगे थे सुशांत हमे, यार ये हमी लोग जैसा है। फिर हमने इस देसी लड़के का सुद्ध देसी रोमांस भी देखा। पीके में सरफराज जो सबको लगता था उसने धोखा दे दिया है पर वो झूठ था। पर आज तुमने सच में धोखा दे दिया सुशांत। फिर आता है माही पूरा धागा खोल के रख देता है, हम धोनी के इतने अच्छे से जानते नहीं थे पर जब ये फिल्म देखी तो मैंने धोनी और सुशांत को बेहद ही करीब से जाना और लगा कि यार ये तो हमारे जैसे ही है, एकदम हमारे बीच से निकले है , दोनों बिहार से है, हमारे प्रेरणा थे आप सुशांत , फिल्म धोनी में जितनी बार आप रोए थे, उससे कहीं ज्यादा हम लोग भी रोए थे। केदारनाथ और सोनचिरैया में भी आप काफ़ी जमे थे, दुनिया आपकी धीरे-धीरे दीवाना हो रही थी। फिर हमें पता चला आप भी हमारे ही तरह इंजीनियर है, और अभी लॉकडाउन में आपने कोडिंग भी फिर से चालू किया था, ये देखा तो मुंह से निकला क्या कमाल का आदमी है यार, दिल से कलाकार और दिमाग से इंजीनियर अभी तक। फिर छिछोरे आई इस समय हम कॉलेज में थे, और कॉलेज हॉस्टल में कॉलेज लाइफ पे बनी फिल्में देखने का मजा ही कुछ और होता है, लेकिन इस फिल्म की कहानी, डायलग , और आपका किरदार दिल को छू गया! इस फिल्म को सबको देखनी चाहिए और आपकी ये हिदायत याद रखनी चाहिए सक्सेस का प्लान सबके पास होता है लेकिन गलती से फेल हो गए तो फेलियर से कैसे डील करना है, कोई इसी बात ही नहीं करना चाहता..जिंदगी में अगर कुछ सबसे ज्यादा कुछ जरूरी है तो वो है खुद जिंदगी! और हम कोशिश करेंगे कि हमारे आस-पास , हमारे जानने वालों में कोई दूसरा सुशांत तो बने पर उसका अंत इस प्रकार ना हो कि हम अलविदा भी ना बोल पाए! आपके जाने कि वजह भी कुछ ऐसी होगी जो शायद मौत से भी दर्दनाक होगा। भगवान आपकी आत्मा को शांति प्रदान करे। आप हमेसा हम सब के दिलों मे रहियेगा सर, मिस यू सुशांत! और हां, आत्महत्या कायरतापूर्ण नहीं है। क्यों की ना आपने सुशांत जैसे लोगो को जाना है और ना ही डिप्रेशन को। मैं आपको बताता हूँ कि कायरता क्या है; लोगों के साथ इतना बुरा व्यवहार करना कि वे अपनी जीवन समाप्त करने पर विवश हो जाए। तभी किसी ने कहा है.. ये अलग बात है दिखाई न दे मगर शामिल ज़रूर होता है, ख़ुदकुशी करने वाले का भी कोई क़ातिल ज़रूर होता है। (~ अभिषेक)